दीना पाठक ने 60 साल तक अपने अभिनय से जीता दिल, थिएटर से लेकर फिल्मों तक छोड़ी अमिट छाप
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा में जब भी यादगार मां और दादी के किरदारों की बात होती है, तो अभिनेत्री दीना पाठक का चेहरा आंखों के सामने आ जाता है। सफेद बाल, सहज अंदाज और संवाद बोलने का अनोखा तरीका उनकी पहचान बन गया था। दीना पाठक की पहचान सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं थी। 11 अक्टूबर को उनकी पुण्यतिथि पर आइए, उनके जीवन और शानदार अभिनय सफर से जुड़ी कुछ खास बातें जानते हैं।